सहरसा, अजय कुमार: देश के संसाधनों पर बोझ बढ़ाती अनियंत्रित जनसँख्या वृद्धि देश की एकता और अखंडता के लिए गम्भीर खतरा है। इसके नियंत्रण हेतु सख्त कानून बनवाने को लेकर जनसँख्या समाधान फाउंडेशन कृतसंकल्पित है। जिसको लेकर फाउंडेशन आगामी 11जुलाई विश्व जनसँख्या दिवस पर संपूर्ण देश के साथ बिहार में एक साथ एक समय पर प्रत्येक जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को मांग पत्र सौपेगी।उक्त बातें जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने यहाँआगामी कार्यक्रम व सहरसा जिला के नव मनोनीत पदाधिकारियों के एक बैठक में कही। श्री कुमार ने कहा कि विश्व की कुल भूमि का 2 प्रतिशत और 4 प्रतिशत जल की भागीदारी रखने वाला भारत विश्व के 17 प्रतिशत जनसंख्या का भार वहन कर रहा है। उन्होंने बेहताशा जनसंख्या वृद्धि पर चिंता प्रकट करते कहा कि समय आ गया है।अब हम दो हमारे दो ही नही बल्कि सबके दो की नीति को बिहार सहित पूरे देश मे कानून बनाकर लागू किया जाय। अन्यथा भारत मे कैंसर की तरह बढती चली जा रही है जनसंख्या का निराकरण न किया गया तो इसके विस्फोट स्वरूप से देश के सभी कायदे कानून से लेकर लोककल्याण की योजनाएं विफल हो जाएगी।
वहीं फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ विमल यादव ने कहा कि जनसँख्या नियंत्रण पर विश्व मे सबसे पहले नीति बनाने वाला भारत संयुक्त राष्ट्र जनसँख्या कोष के अनुसार विश्व मे सर्वाधिक आबादी वाला देश बन चुका है। जिसके प्रकोप से बचने के लिये एक मात्र उपाय है शीघ्र सख्त कानून लागू हो।कहा कि फाउंडेशन पिछले 13 वर्षों से पूरे देश मे आमजन को जागरूक करने के साथ सरकार से कानून बनाने की मांग करती आ रही है और जब तक सरकार द्वारा जनसंख्या नियंत्रण संबंधी सख्त कानून को संसद से पारित कर लागू नही किया जाता है फाउंडेशन का कार्यक्रम और संविधान सम्मत आंदोलन जारी रहेगा। मौके पर जिला अध्यक्ष मन्नू रिस्की एवं जिला संयोजक प्रशांत मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए आगामी 11 जुलाई को वृहत आंदोलन एवं संगठन विस्तार की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। बैठक में, बालमुकुन्द सिंह, लुसो डेविड, गौरव कुमार, विनित कुमार सहित अनेकों जेएसएफ सदस्य मौजूद थे।