बिहार: जल्द ही बिहार से यूपी और झारखंड जाना और आसान होगा। इन दो राज्यों के लिए 121 बसें चलेंगी। इसके लिए 61 मार्गों का चयन किया गया है। इसके साथ ही बिहार के अंदर 19 अंतर्क्षेत्रीय रूट पर भी यात्री बसों को दौड़ाने की योजना है। सूबे के अंदर इन रूटों पर 25 बसें चलेंगी। पिछले दिनों परिवहन विभाग ने यूपी और झारखंड के मार्गों पर यात्री वाहनों के संचालन के लिए मशक्कत शुरू की थी। इसके बाद दोनों राज्यों के 61 मार्गों की पहचान की गयी। सर्वे में यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कम से कम 121 बसों के परिचालन का निर्णय लिया गया। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने पब्लिक-प्राइवेट भागीदारी (पीपीपी) मोड में इन बसों को चलाने की योजना बनायी है। इसको लेकर जल्द ही आवेदन मांगा जाएगा।
दरअसल, राज्य सरकार प्रदेश के विभिन्न मार्गों पर वाहनों के परिचालन को नए सिरे से तय करने में जुटी है। विभाग की इस पहल से न केवल आम लोगों की जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि अवैध परिचालन पर भी रोक लगेगा। यही नहीं मनमाना किराया वसूलने पर रोक लगायी जा सकेगी। पिछले दिनों परिवहन विभाग ने 190 मार्गों पर वाहनों के परिचालन को तय करने की योजना पर काम शुरू किया है। विभाग इन मार्गों पर वाहनों के परिचालन के लिए प्रस्ताव भी मांगा था।
इन मार्गों पर होगा परिचालन
बिहार-यूपी मार्ग पर गोरखपुर-छपरा, रक्सौल-गोरखपुर भाया मोतिहारी, रक्सौल-गोरखपुर भाया गोपालगंज कसया से परिचालन होगा। जबकि बिहार-झारखंड के गया-टाटा, गया-बोकारो, जमुई-टाटा, गया-देवघर, गया-धनबाद, नवादा-रांची, पटना-रांची, पटना-देवघर के विभिन्न मार्गों पर बसों का परिचालन शुरू होगा।
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